निधी के साथ बारिश वाली रात | Office Sex Story

मेरा नाम अमन है, मैं दिल्ली में रहता हूं। ये बात एक सीक्रेट थी जो आज मैं आप लोगो से बताना चाहता हूं, कुछ महीने पहले ही मैंने एक नई कंपनी जॉइन की थी जिसके लिए मैंने काफी मेहनत भी की थी और मैं सेलेक्ट भी हो गया

पहले दिन जब कंपनी में गया तो मेरा परिचय सभी लोगो के साथ कराया गया, उसके बीच में पहली बार निधि को देखा। निधि इतनी सुंदर थी कि मेरी नज़र उससे हट ही नहीं रही, वो ना ज्यादा मोटी थी ना ही ज्यादा पतली। वो मेरी ही टीम में काम करने वाली थी। ये जान कर में तो पागल सा ही हो गया था, मेरी और उसकी सीट भी साथ में ही थी। निधि को देख कर कोई भी पागल हो सकता था, अगर कहा जाए कि वो कोई एक्ट्रेस बन सकती थी और कई लोगों का दिल पिगला सकती थी तो ये गलत नहीं होगा।

मैं सारा दिन उसी के बारे में सोचा करता था, दिन रात मेरे मन में वह चलती रहती थी, उसके बारे में सोच सोच कर मैं मुट्ठी भी मार दिया करता था। मैं सिर्फ उसको पाना चाहता था और मुझे सिर्फ मौके की ही तलाश थी। पूरे ऑफिस में ऐसा कोई ऐसा मर्द नहीं था जो निधि को पेलना ना चाहता हो।

लोग बोलते नहीं पर उनके हाओ भाव से पता चल ही जाता था, कौन उसे किस नज़र से देख रहा है। निधि ऑफिस में किसी से ज्यादा बात नहीं करती थी और उसका कोई दोस्त भी नहीं था। पर ऑफिस में समय के साथ-साथ हम दोनों की दोस्ती बहुत अच्छी हो गयी थी।

हम दोनों साथ में खूब घूमते थे, फिल्म देखने जाते थे, पार्क भी जाते थे, हम दोनों के हाथ कभी कभी टच भी हो जाते थे। मैं जान बुझकर निधि को टच भी किया करता था पर वो ज्यादा ध्यान नहीं देती थी कि मेरी नियत कैसी है।

फिर एक दिन

हमारे ऑफिस में एक वीकेंड ट्रिप प्लान किया सब जाने को तैयार थे पर निधि जाने के लिए मना कर रही थी, मैंने उसे साथ चलने के लिए कहा पहले तो वो मना करती रही पर आखिर में मान ही गयी।

एक हफ्ते बाद हम लोग ट्रिप पर निकल गए और निधि सिर्फ मेरे साथ ही बैठी, इस बीच हम दोनों ने खूब बातें भी कीं, खेल खेल में, मैं उसके बूब्स पर हाथ फेर देता पर वो इतना ध्यान नहीं देतीं।

होटल पहुंचने के बाद सबके कमरे अलग अलग गए हो गए लड़कियों के लिए अलग और लड़कों के लिए अलग। अपने कमरे में गया फ्रेश हुआ फिर हमारी टीम के लोगो ने प्लान बनाया कि थोड़ा भर घूम कर आया जाए और कुछ खाया जाए।

फिर हम लोग काफी देर तक घूमे और अब मैं और निधि पूरे रास्ते हाथ पकड़ कर चलते रहे।

टीम के सदस्यों को कोई अच्छा कैफे ढूंढने के चक्कर में और आगे चले गए और सिर्फ हम 4 लोग ही वहां रुक गए क्योंकि हमें ज्यादा दूर जाने का मन नहीं था।

हमने चारों ने सोचा कि वापस होटल ही चलते हैं क्योंकि मौसम ख़राब होने लगा था। रास्ते में कुछ देर चलते की बहुत जोर की बारिश होने लगी पर हम कहीं भी नहीं रुके और भीगते हुए होटल पहुंच गए

निधि भी पूरी भीग चुकी थी और उसकी शर्ट से उसकी ब्रा पूरी दिखाई दे रही थी मैं पूरी तरह से उसकी काली कलर की ब्रा को ही देख रहा था पर उसे बिल्कुल पता नहीं चला।

होटल पहुंच कर हम सब फ्रेश होने चले गए क्योंकि मेरे बाकी फ्रेंड्स कैफे के लिए ज्यादा दूर चले गए तो बारिश रुकने का इंतजार कर रहे थे।

क्योंकि मैं सिर्फ अपने कमरे में अकेला था तो जल्दी फ्रेश होग्या। मैं बिस्तर पर जा ही रहा था कि मेरे कमरे की घंटी बजी।

मैं देखता ही रह गया निधि मेरे कमरे के बाहर खड़ी थी, उसने कहा कि उसके कमरे का बाथरूम अभी भी खाली नहीं हुआ तो वो मेरे कमरे का बाथरूम इस्तेमाल करना चाहती थी। तो मैंने बोला कि तुम बिल्कुल बाथरूम का इस्तेमाल कर सकती हो।

मैं मन ही मन सोच रहा था कि आज पूरा मौका है। निधि को चोदने का इससे अच्छा मौका नहीं मिलेगा।

वो नहाने के बाद बाहर आई और इस बार उसका एक ब्लैक कलर का टॉप और टाइट जींस पहन रखी थी। उसके स्तन उसकी टॉप से ​​बाहर आने को गिर रहे थे।

तबी बाल सुखाते हुए वो मुझे थैंक्यू बोल ही रही थी कि उसकी तौलिया गिर गई और जब वो अपना तौलिया उठाने के लिए झुकी तो उसके स्तन पर मेरी नज़र दोबारा पड़ गई।

उसके मोटे मोटे स्तन मुझे ही देख रहे थे।

वो तौलिया उठा कर कमरे से बाहर जाती है इसे पहले ही मैंने उसे अपने पास ही बैठने के लिए बोलै और वो बैठ भी गई। हम दोनो एक ही कंबल में बैठे थे और मैं धीरे-धीरे अपने हाथ उसकी झंगों पर लेकर जा रहा था।

मेरा लंड भी खड़ा हो गया था और चादर में तंबू दिख रहा था उसने देखते ही बोला कि तुम्हारे मैं में क्या चल रहा है । मैं समझ गया और सब ठीक करने लगा।

थोड़ी देर के लिए हम दोनों चुप हो गए , मैंने शर्म से उसकी तरफ देखा और उसने मुझे देखते ही थोड़ी सी मुस्कुरा दी।

मैं समझ गया कि वो भी कुछ करना चाहती है, मैंने बिना कुछ सोचे समझे उसे किस कर दिया और करता ही रहा, उसने मुझे रोका नहीं, लग रहा था वो भी ये सब करना चाहती है।

किस करने के बाद मैं रुक गया और हम दोनों चुप चाप एक दूसरे को ही देख रहे थे की, वो बोली अब इसे पूरा भी कर।

इतना सुनते ही मैंने उसकी टॉप उतारनी शुरू कर दी और साथ ही साथ किस भी करता रहा। उसकी टॉप खोलने के बाद मैंने उसके बड़े बड़े स्तन देखे और बिना देर किये उसकी ब्रा भी उतारने लगा। ब्रा उतरने के बाद मैंने उसके स्तन अपने हाथ से दबाने शुरू कर दिए और वो भी आह आह आह करने लगी।

उसके स्तन काफ़ी बड़े और मुलायम थे मैं उसके स्तन चाटने लगा और वो धीरे धीरे आह आह की आवाज़ निकलने लगी और अब वो पूरी तरह गरम हो चुकी थी।

फिर मैंने उसे पेंटी उतारी और उसकी उसकी चाटने लगा वो अब तक चरमसुख का भोग रही थी और जोर जोर से आहे भर रही थी मानो उसे जन्नत का सुख प्राप्त हो रहा हो

करीब 15 मिनट तक चटनी के बाद उसका पानी निकल गया। बाद में मैंने भी उसे अपना पकड़ाया और उसे मुंह में लेने को बोला पहले तो वो ना करने लगी पर बाद में मान गई। उसने अच्छी तरह से मेरा चूसा और मुझे भी सुख भोगने का मौका दिया उसके बाद मैंने कहा कि अपने स्तनों की रगड़े और उसका वैसा ही किया

उसके स्तन इतने मुलायम थे कि लग रहा था कि कॉटन के बीच मेरा रगड़ रहा हो।

फिर मैंने निधि को बिस्तर पर लेटाया और अपने डालने लगा क्योंकि उसने पहले कभी सेक्स नहीं किया था तो उसे काफी दर्द हो रहा था और मेरा जा भी नहीं रहा था।

मैंने धीरे-धीरे उसके अंदर अपना डाला और एक दम से झटका दिया, उसकी चीख निकल गई वो बोली कि आराम से करो। तो मैंने धीरे-धीरे करना शुरू किया और साथ ही उसके स्तनों को कभी होंठों पर चूमता और काटता भी रहा।

निधी को दर्द तो हो रहा था पर वो चरमसुख में आहे भी भर रही थी जो मुझे उसकी तरफ और आकर्षित कर रही थी। काफ़ी देर करने के बाद में उसकी उल्टा लेटने को बोला और घोड़ी बना कर करने लगा और अपनी स्पीड बढ़ा कर जो के झटके दे रहा था वो दर्द में थी पर मुझे रुकने को नहीं कह रही थी।

वो ज्यादा जोर से ना चिल्लाए इसलिए मैंने उसके मुंह में उसकी टॉप डाल दी और करता ही रहा।

बिस्तर पर करने के बाद कमरे के सोफ़े पर उसको घोड़ी बना कर उसके साथ करता रहा। उसके आंसू निकल गये थे. पर मुझे सिर्फ उसकी आहे सुनाई दे रही थी।

वो चिल्ला रही थी पर मजे से। उसके बाद मैं उसको बाथरूम में ले गया और वहा मैंने उसको अपनी गोद में उठाया और पेलता चला गया। उसके स्तन मेरी छाती पर थे और मैं उसको दीवार की तरफ ढकेल रहा था।

करीब 20 मिनट तक करने में बाद मेरा झड़ने वाला था तो मैंने अपना निकल कर उसे मुंह खोलने को बोला और पूरा उसके मुंह में झाड़ दिया।

फिर हम दोनों बिना कपड़ो के ही मेरे कमरे में बिस्तर पर लेटे रहे बारिश जोर से हो रही थी और हमने टीवी पर गाने चला दिए और मौसम का मजा लेते गए।

ये रात हम दोनों के लिए शायद सबसे याद गार रही होगी और हम इसे हमेशा के लिए रोकना चाहते थे पर ऐसा नहीं हो सकता था।

यात्रा से वापस आने के बाद हम दोनों वापस से सामान्य व्यवहार करने लगेंगे।

ट्रिप के 1 महीने बाद मुझे कंपनी के काम से दूसरे राज्य में जाना था तो मैं वहां से चला गया जब वापस आया तो पता लगा कि निधि ने ऑफिस छोड़ दिया है। और मुझे अपने सभी सोशल मीडिया से और नंबर ब्लॉक कर दिया है।

शायद एक और ऐसी रात अब नहीं आने वाली। जब बारिश, टीवी और चार्मसुख में आहे भारती हुई निधि मुझे कभी नहीं मिलेगी।

Tags – hindi sex story, antarvasna sex story

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