अंजलि भाभी का जन्मदिन और चॉकलेट – Bhabhi Sex Story

मेरा नाम अमित है और ये बात 2019 की है जब मैं 21 साल का था मेरे घर के सामने ही एक परिवार रहता था। उस घर में एक भाभी भी थी जिनको मैं बहुत चाहता था, मैं उन्हें तब से चाहता था जबसे मैं 15 साल का था।

जब वो पहली बार हमारे मोहल्ले में आई थी तबसे ही मैं उन्हें चाहने लगा था। उनकी मीठी आवाज, लम्बे घने कमर तक आते बाल, गोरा शरीर और पतली कमर मगर मोटे मोटे boobsऔर गांड।

मैं अक्सर उनके घर जाता था, कभी-कभी उनका बाजार से सामान भी लेकर आता था, सामान पकड़ने के बहाने मैं उन्हें जानबुझकर टच भी कर लेता था।

अब तो मैं बड़ा हो गया हूं पर मुझे अभी भी याद है, जब मैं बच्चा था तो भाभी के घर गया था, उनका काम करने के बाद वो मुझे फल खाने को दे रही थी, पर तभी उनके हाथ से फल छूट कर नीचे गिरे, जैसे वो फल उठाने लगी तो उनकी साड़ी का पल्लू भी गिर गया जिससे उनके boobs मुझे दिख गए।

अब तो मैं बड़ा हो गया हूं और भाभी भी काफी ज्यादा खूबसूरत और उनके boobs मोटे मोटे तरबूज़ हो गए हैं।

मुझे पता था कि भाभी का पति office के काम से ज्यादा घर से दूर ही रहता है और उनके बच्चे हॉस्टल में थे। उनके घर पर सिर्फ उनके सास-ससुर ही रहते थे।

एक दिन मैं बाज़ार में घूम रहा था तो एक साड़ी मुझे बहुत पसंद आयी। मैंने सोचा कि क्यों ना साड़ी भाभी को दे दी जाए वो इसमें बहुत हॉट लगेंगी तो मैंने साड़ी उनके लिए खरीद ली।

मैं सोच रहा था कि ये गिफ्ट उन्हें कैसे दूँ वो भी सबसे छुपा के, तब मैंने एक idea निकाला, मैं उनके घर गया साड़ी लेकर और बोला कि “भाभी ये साड़ी आपके लिए आई है, मम्मी ने बोला कि भाभी को दे आ”। और घर पर आकर मम्मी से कहा कि भाभी को उनके जन्मदिन का gift देने के लिए मैं कुछ ले आऊंगा। और मम्मी से पैसे ले लिए।

उनके जन्मदिन से 2 दिन पहले ही उनके सास ससुर भी किसी रिश्तेदार के घर चले गए। भाभी के साथ जन्मदिन मनाने के लिए कोई नहीं था। जिस दिन भाभी का जन्मदिन था उस दिन मेरे घर पर भी मम्मी पापा नहीं थे, उन्हें किसी रिश्तेदार को देखने के लिए अस्पताल जाना था। मैं भी घर पर अकेला ही थ।

मुझे पता था कि भाभी अकेले जन्मदिन नहीं मनाएंगी तो मैं ही उनके लिए छोटा सा केक लेकर शाम को उनके घर चला गया, उन्हें surprise देने, भाभी ने दरवाजा खोला और मुझे देख कर चौंक गई,

वो बोली, “तुम्हें याद था कि मेरा जन्मदिन है,”

मैंने कहा,”हाँ भाभी, आपका जन्मदिन मैं कैसे भूल सकता हूं आपने तो हमारे बहुत करीब हो।”

भाभी बहुत ज्यादा खुश हो गई, पर सेहम कर बोली कि “जन्मदिन मनाने के लिए कोई भी तो नहीं है, सिर्फ हम दोनों अकेले celebrate करेंगे?”

मैंने कहा, “भाभी मैं मम्मी को भी लेकर आता, पर पापा-मम्मी किसी रिश्तेदार को देखने हॉस्पिटल गए हैं, आप दुखी क्यों हो रही हो। मैं हूं ना इस बार का जन्मदिन आपको हमेशा याद रहेगा। मैं जो आया हूं आपके लिए केक लेकर।”

भाभी फिर से खुश हो गई और बोली “मैं तैयार होकर आती हूँ फिर हम दोनो केक कट करेंगे।”

भाभी तैयार होने के अंदर कमरे में चली गई, और जब तैयार होकर बाहर आई तो मेरी आंखें खुली की खुली ही रह गई, भाभी ने वही साड़ी पहनी थी जो मैंने उन्हें जन्मदिन का gift बोलकर दी थी।

उसकी पीले रंग की साड़ी और टाइट डीप नेक sleeveless blouse में भाभी की sleeveless दिख रही थी, मुझे लगा मेरे तो भाग की खुल गए। शायद आज मैं भाभी को चोद पाऊं.

भाभी मेरे पास आई और मेरा हाथ पकड़ कर कहा चलो तुम भी मेरे साथ ही केक कट करो, मैं भी केक कट करने में उनका साथ दिय। मैंने भाभी का हाथ पकड़कर केक कट किया, भाभी के perfume की महक मुझे दीवाना बना रही थी।

केक कट होने के बाद भाभी ने अपने हाथों से मुझे केक खिलाया, बदले में मैंने भी केक उन्हें खिलाया के लिया हाथ बढ़ाया तो गलती से केक का टुकड़ा उनके blouse पर गिर गया, वो केक खाने के बाद मेरे सामने ही अपना blouse जहां केक गिरा था साफ करने लगी।

केक खाने के बाद भाभी मुझसे बातें करने लगीं, हम दोनों सोफे पर ही बैठे थे, तब भाभी बातों-बातों में मुझे अपने बारे में बताने लगीं। उनके जवानी के दिन, उनके अलग-अलग बॉयफ्रेंड और शादी के बाद वाली जिंदगी।

भाभी अपने पति से परेशान थी मुझे पता लगा कि उनका पति उन पर अब ज्यादा ध्यान नहीं देता। मैं सब सुन रहा था, उनकी ऐसी बातें सुनकर मुझे भी भाभी ने बुरा लग रहा था।

अचानक से मैंने उनको बोला कि भाभी फिक्र ना करो आपके लिए मैं हूं ना और उनका हाथ कस कर पकड़ लिया।

उस समय हम दोनों एक दूसरे के काफी करीब आ गए थे। मैं भाभी के करीब हो रहा था, मैंने भाभी को किस करना शुरू कर दिया पर भाभी को शायद ये सब पसंद नहीं आया, उन्हें मुझसे दूर हटाया और कहा “अमित ये सब ठीक नहीं है, मैं ये नहीं कर सकती”। फिर मैंने बोला “भाभी आपके पति तो मजे कर रहा है और आप यहां घर में बंद हैं, इतना मत सोचो किसी को कुछ पता नहीं चलेगा”।

और इतना कह कर मैं उन्हें फिर किस करने लगता हूं, और करता ही रहता हूं वो मुझे दूर करने की कोशिश तो बहुत करती है, पर धीरे-धीरे गरम हो जाती है, और मुझे भी किस करती है।

हम दोनों एक दूसरे के मुंह से रस ले रहे थे, भाभी की वो लाल लिपस्टिक का flavour, मैं उनको कभी किस करता था और कभी उनका होंठ काटता था, भाभी को भी अब मजा आ रहा था,

किस करने के बाद वो मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपने bedroom में ले गई, और हम वहां किस करने लगे, मैं धीरे-धीरे भाभी का पल्लू हटा रहा था और उनके blouse के अंदर हाथ डाल कर उनके boobs दबा रहा था, उनके निपल्स खिंच रहा था। भाभी को देख कर साफ पता चल रहा था कि उनको कितना मजा आ रहा है।

फिर मैंने भाभी को मेरी तरफ पीठ करके पीछे से गले लगाया और उनकी गर्दन पर किस दिया, साथ ही मैं उनके blouse के हुक खोल रहा था, भाभी का blouse उतार कर मैंने फेंक दिया और उनकी ब्रा उतारने लगा। मैंने भाभी को बिस्तर पर पटक दिया और उनकी कमर को चाटने और किस करने लगा।

क्या मजा आ रहा था ये सब करके भाभी की खुशबु मेरे रोम रोम में बस रही थी। इतना करके ही मैं उठा और हॉल में गया, भाभी ने पूछा कि क्या हुआ, मैं हॉल में से अपने हाथ में बच्चा हुआ केक लेकर आया।

वो चॉकलेट केक मैंने भाभी ने boobs पर लगाना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे उनके शरीर पर लगाने लगा।

मैंने भाभी के boobs को चूसना शुरू कर दिया, भाभी की आखें अब ऊपर की तरफ चढ़ रही थीं। भाभी बार-बार मेरा नाम पुकार कर आह आह हम्म्म्म इस्स कर रही थी,

भाभी की प्यार भरी आहें सुन कर मैं जानवर बन गया था, किसी आम की तरह भाभी के boobs चूसता था। भाभी के दोनों हाथ मैंने पकड़ लिए और फिर मैं उनके बगले चाटने लगा।

मेरा दूसरा हाथ भाभी की चूत तरफ जा रहा था, तभी मुझे पता लगा कि भाभी ने पैंटी नहीं पहनी है, और उनकी चूत से पानी निकल गया था। साथ ही मैं अपनी 2 उंगली उनकी चूत में दाल कर हिला रहा रहा था।

भाभी की सांसें और आहें रफ्तार पकड़ रही थी, उनके जिस्म पर लगी चॉकलेट चूसते हुए मुझे मजा आ रहा था, भाभी की प्यारी आवाज सिर्फ मेरा नाम पुकार रही थी।

फिर मैंने भाभी की गर्दन को चूमा, मैंने भाभी की चूत में उंगली डाल कर जोर जोर से हिलाने लगा तो भाभी किसी मछली की तरह फड़फड़ाने लगी। वो बार-बार करवटें बदलने लगी। मैं महसूस कर सकता था कि उनकी चूत बहुत टाइट है।

शायद उन्होंने काफी लंबे समय से सेक्स नहीं किया था,

भाभी को चूसने के बाद मैंने बच्चा हुआ केक अपने लंड पर लगा लिया और भाभी को blowjob देने के लिए कहा, भाभी अपने सालों के सेक्स experience दिखा रही थी, उन्हें किसी आइस-cream की तरह मेरा लंड चाटना शुरू किया और चॉकलेट चूसने लगी, मुझे बहुत मजा आ रहा था मानो मैं जन्नत में पहुँच गया हूँ।

भाभी ने मेरे गोटे भी चूसे साथ ही वो मेरा लोडा अपने मुँह में लेकर जोर जोर से हिला रही थी। मुझे एहसास हुआ कि मेरा झड़ने वाला है, तो मैंने भाभी को रोका नहीं और पूरा उनके मुँह में झड़ दिया।

भाभी ने बोला “अमित ये तुमने क्या किया?”

मैंने कहा कि “भाभी आपको स्वाद पसंद आया ना”

इतना सुन कर ही उन्हें मेरे बाल पकडे और बिस्तर पर लेट गयी, उन्हें मेरा सर अपनी गीली चूत में लग दिया। उन्होंने शेव किया हुआ था, उनकी चूत पूरी पानी से नहाई हुई थी,

वो बोली “अमित अब तुम्हारी बारी”

मैंने उनकी चूत की तरफ अपना मुँह किया, मुझे उसकी smell गंदी लगी पर मेरे सर अब सेक्स का भूत सवार था, उनकी चूत का नमकीन पानी मुझे बहुत पसंद आ रहा था। मैं उनकी चूत चाटने लगा.

भाभी जोर जोर से आहे भरने लगी तो मैंने उनका मुंह अपने हाथ से बंद कर दिया। उनकी चूत चाटने में उनको मजा आ रहा था और मुझे उनकी चूत का नमकीन स्वाद पसंद आ रहा था।

भाभी का भी पानी मेरे मुँह पर ही निकल गया और वो हंसने लगी, मैंने उन्हें गुस्से में जोर का किस किया और बिस्तर पर ही missionary पोजीशन में उन्हें लिटा दिया।

भाभी को किस करते ही मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और एक दम से झटका मार दिया, वो चीख पड़ी और गुस्सा हो गई “आराम से करो ना अमित?, जन्मदिन मेरा है मुझे मजा आना चाहिए”

तो मैं धीरे-धीरे उनकी चूत में लंड घुसा कर सेक्स करने लगा, उन्हें मजा आ रहा था। उनके boobs मेरे झटके के साथ ही जोर जोर से हिल रहे थे। भाभी की आखें ऊपर चढ़ चुकी थी,

वो बार बार बोलती है “फक मी, फ़क मी, मत रुको, जोर से आह आह आह”

मुझे सुन कर मजा सा आ जाता है. फ़िर वो मेरे ऊपर चढ़ गई, और मेरे लंड की सवारी करने लगी।

भाभी इतने अच्छे तरीके से सेक्स कर रही थी कि मुझे ज्यादा समय नहीं लगा। और मेरा झड़ने वाला था.

मैंने भाभी को बोला भाभी मेरा होने वाला है, ये सुन कर भाभी और तेज़-तेज़ उछालने लगी।

मेरा आखिर में उनकी चूत में ही झड़ गया, भाभी बोली “कोई बात नहीं अमित, तुमने तो मुझे मेरी जवानी के दिन याद दिला दिये।”

भाभी की चूत पूरी भर गई थी, इतना वीर्य उनकी चूत में गया कि बिस्तर पर भी कुछ बूंद गिर गई थी, जो भाभी ने चाट ली।

हम दोनो काफी देर तक नंगे एक दूसरे को देखते और किस करते, एक दम पति पत्नी की तरह।

फिर भाभी नहाने चली गई और मैंने कपड़े पहने और उनके घर से चला गया।

शायद एक बार का सेक्स ही मेरी किस्मत में था, क्योंकि एक हफ़्ते बाद पता चला कि भाभी का पति अब किसी और शहर जा रहा था।

आज भी मेरी बात भाभी से होती है और वो अपना जन्मदिन हमेशा याद करती है।

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