पड़ोस में आयी नयी भाभी की चुदाई – Bhabhi Sex Story

हैलो दोस्तों, मेरा नाम अखिल है, ये बात एक बड़ा secret है, जो मैं अपने अंदर अब नहीं दबा पा रहा हूं और आपको सबको बताना चाहता हूं।

कुछ महीने पहले ही मेरे पड़ोस में एक नया परिवार रहने को आया था, अंकल, उनकी बीवी और बेटा।

अंकल की बीवी दिखने में इतनी गोरी और बॉडी बिल्कुल टाइट थी मानो जैसे कोई नई जवाना हुई लड़की की होती है। ऊपर से भाभी की पतली कमर और उनके curve, उनको पहली बार देख कर ही कुछ कुछ हुआ, शायद ये मेरी जवानी का जोश था कि मैं उनकी तरफ आकर्षित होने लगा।

मैं उन्हें देखने का कोई भी मौका नहीं छोड़ता था, वो दोपहर को छत पर आती थी, सुबह-सुबह टाइट टी-शर्ट और ट्रैक पैंट पहन कर पार्क जाती थी, उनकी टी-शर्ट में उनके बड़े बड़े boobs मुझे बहुत ज्यादा नशे में कर देते थे। मन करता था कि बस पकड़ कर आम की तरह चूस जाऊ।

मैं उनको चोदने के ख्यालों में ही खोया रहता और बस इसी ख्याल में ही उनको चोदना है, करीब 2 महीने गुजर गए।

फ़िर एक दिन

मेरी मम्मी और पापा एक हफ्ते के लिए किसी रिश्तेदार की शादी में जाना था, क्योंकि मेरा इंटरव्यू था तो मैं उनके साथ नहीं जा सकता था। तो उन्होने भाभी को बोला कि मेरा ध्यान राखे, और वो मान गई।

उसी रात मम्मी पापा घर से चले गए।

अगले दिन सुबह किसी ने घर की घंटी बजाई, मैंने दरवाजा खोला तो देखा भाभी बाहर खड़ी है, मेरे लिए खाना लेकर आई है। मैंने उन्हें अंदर आने को कहा.

भाभी pink color की साड़ी और sleeveless blouse में थी उनकी पूरी cleavage दिख रही थी और ऐसा लग रहा था कि उनके मोटे मोटे boobs blouse फाड़ कर बाहर आ जाएंगे।

भाभी ने मुझसे पूछा कि खाना कहां रखूं मैंने उन्हें किचन में रखने को कहा और किचन की तरफ लेकर जाने लगा, उन्हें खाना किचन में रखा और मुझसे मम्मी पापा के बारे में पूछा।

बात ख़त्म होने के बाद वो जैसे ही किचन से बाहर जाने लगी तो अचानक से उनका पैर फ़िसल गया वो गिरने वाली ही थी कि मैंने उन्हें पकड़ लिया।

मेरा left हाथ उनके right हाथ को पकड़ता और मेरा right हाथ उनकी कमर पर जा पहनता है, मेरा चेहरा, उनके चेहरे के सामने था मैं उनकी साँसें सुन और तेज़ होती धड़कन से महसूस कर रहा था।

मैं उनके इतना करीब था कि उनको किस कर सकता था, पर मैंने उनको ऊपर उठाया, और पूछा कि क्या वो ठीक है, तो उन्होंने हां कहा। अचानक से मेरे ऊपर मेरा काबू नहीं रहा और मैंने उनको जोर से गले लगा लिया।

मैं उनके perfume की धीमी-धीमी खुशबू महसूस कर रहा था। मैंने उनको कस कर अपनी बाहों में जकड़ लिया, उनके boobs को अपनी छाती पर महसूस किया और वो जो हाथ मैंने उनकी कमर पर रखा था उन्हें गिरने से बचाने के लिए वो अब उनकी गांड को दबा रहा था।

मेरा लंड भी खड़ा हो गया था जो शायद उन्हें भी महसूस हो गया था, फिर अचानक से उन्हें कहा कि “अखिल मैं ठीक हूं अब तुम हट सकते हो”, मुझे लगा कि शायद मैं कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ गया हूं तो मैं जल्दी से उनसे दूर हो गया। मेरा खड़ा लंड देख कर शायद उनको भी मेरी नियत का पता लग गया था।

मुझे अब उनके सामने खड़े होने में शर्म आ रही थी, वो बिना कुछ बोले ही घर से चली गई। मुझे लगा कि मैंने ज्यादा ही गलत कर दिया है, मुझे ऐसे गलत तरीके से छूना नहीं चाहिए था।

यही सोचते सोचते शाम का वक्त हो गया, दोबारा से घर की घंटी बजाई

मुझे उम्मीद नहीं थी कि भाभी दोबारा घर आएंगी पर मैं देखता हूं कि भाभी मेरे दरवाजे पर खड़ाी थी , काले रंग की साड़ी और ब्लाउज में।

पर मुझे उनके साथ कुछ करने की उम्मीद नहीं थी, मैं चुप चाप गेट पर खड़ा था। हम दोनों सिर्फ एक दूसरे को ही देख रहे थे, उस समय अनहोनी छुपी तोड़ते हुए बोले थे, “क्या अंदर आने के लिए नहीं कहोगे”। मैंने इशारों में उन्हें घर में अंदर आने को कहा।

मुझे समझ नहीं आया कि इस बार वो क्यों आई है। इस बार वो खाली हाथ आई थी, मैंने पूछा कि “भाभी आपको कुछ चाहिए था क्या”।

भाभी ने ना करते हुए गर्दन हिलाई, वो बोली कि “तुमसे कुछ बात करनी है।” ये सुन कर मुझे लगा कि शायद उन्हें मेरी की हुई हरकत से बहुत बुरा लगा है।

मैंने धीरे-धीरे चलते हुए उन्हें हॉल में सोफे पर बैठने को कहा।

हम दोनों सोफ़े पर बैठे और उन्होंने मुझसे कहा कि “अखिल, ज्यादा मत सोचो। जो सुबह हुआ उस बात का मुझे बुरा नहीं लगा तुम तो सिर्फ मुझे बचा रहे थे।”

इतना कहते ही वो सोफे से उठ कर मेरे करीब आ कर बैठ गयी। वो मेरे इतना करीब आ चुकी थी कि मेरा चेहरा और उनके चेहरे से सिर्फ 1 इंच ही दूर था, तभी उन्हें धीमी सी आवाज में बोला “मैं सब जानती हूं तुम्हारे बारे में, तुम मुझे हमेशा से घूरते हो, मेरा पीछा करते हो और तो और मुझे देखने या छूने का मौका नहीं” छोड़ते हो”।

मुझे लगा कि शायद मुझे थप्पड़ पड़ने वाला है। मैंने अपनी आँखें बंद कर ली थी, पर अगले ही पल मुझे भाभी के होठ अपने होठों पर महसूस हुए। वो मुझे किस कर रही थी।

Maine bina deri kiye unko kiss kiya, hum dono ek dusre ka rass paan kar rahe the, bhabhi ki lipstick ka flavour poori tarah se mere muh lag chuka tha.

मुझे भी मजा आने लगा और मैं भी उन्हें किस करता रहा, हम दोनों एक दूसरे का रस पान कर रहे थे, भाभी की lipstick का flavour पूरी तरह से मेरे मुंह लग चुका था।

10 मिनट तक किस करने के बाद हम अलग हुए और भाभी मुझे प्यार भरी नज़रों से देख रही थी, फिर वो बोली “दरवाजा बंद करदो, कहीं कोई आ ना जाए”। मैंने वैसा ही किया.

वापस आते ही मैंने भाभी को अपनी गोद में उठा कर किस करने लगा, किस करने के बाद मैंने उन्हें सोफे पर पटका और उनका ब्लाउज उतारने लगा। भाभी ने ब्रा नहीं पहनी थी, पहली बार मैंने उनके बड़े और गोरे गोरे boobs देखे।

मैं अब किसी जानवर की तरह उनके boobs चूसता और काटता, भाभी भी धीरे धीरे गरम हो रही थी और आह आआह आआह आआह इश्श्श। अपने आला वाले होंठ को दबा कर आहे भी भरने लगी।

मैं उनकी साड़ी उतारने लगा पर उन्हें रोका और कहा कि कहीं हमें कोई देख न ले, तो मैंने उन्हें अपनी बाहों में उठा कर अपने कमरे के अंदर ले गया और अपने बिस्तर पर पटक दिया। उनकी साड़ी उतारी, उनकी नाभि को भी किस करने लगा, भाभी के बोलने पर मैंने उनकी बगले भी चाटी।

अब धीरे-धीरे मैं अपना right हाथ उनकी जांघों के बीच में ले जा रहा था और उनकी सांसें तेज हो रही थीं वो जोर जोर से आहे भरने लगी थीं।

मैंने उनका पेटीकोट ऊपर किया और उनकी पेंटी उतारी जो पूरी गीली हो चुकी थी। मैंने अपनी 2 उंगली उनकी चूत के ऊपर लगायी और धीरे-धीरे सहलाने लगा और बस यही करते थे उनकी आखें ऊपर की तरफ हो गई थी।

भाभी ने पूरी तरह से खुद को मुझे सौप दिया था मैं जो चाहु अब वो कर सकता था।

भाभी ने अपना हाथ मेरे सर पर रखा और मेरा मुँह अपनी चूत की तरफ ले गई वो चाहती ही थी कि मैं उनकी चूत चाटूँ, मैंने भी ऐसा ही किया अब वो बुरी तरह से आहें भर रही थी मानो उन्हें स्वर्ग का एहसास हो रहा हो।

मैं उनको इतनी अच्छी तरह से चूसता कि वो 5 मिनट में ही झड़ गई और उनका पानी मेरे चेहरे पर आ गया, इसके बाद भाभी ने मुझे लेटने को कहा और मेरी पैंट उतारी, मेरा लंड पूरा टाइट हो चुका था।

भाभी ने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और किसी आइसक्रीम की तरह चाटना शुरू कर दिया। ऐसे करते करते उन्हें मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और अपने मुँह से ऊपर नीचे करने लगी, मैंने अपना हाथ उनके सर पर रखा और जोर जोर से उनका सर हिलाने लगा।

मुझे इतना ज्यादा मजा आ रहा था कि जो शब्दों में शायद बताया भी ना जा सके, इसके बाद उन्हें अपने boobs मेरे लंड पर रख दिये और लंड का ऊपर वाला हिस्सा अपने मुंह में ले लिया और बूब्स से सहलाने लगी।

मेरा उनके मुँह में ही झड़ गया और उनको एक भी बूंद नहीं चोदी, सब की सब पी गई।

वो चाहती थी कि आज की शाम हम दोनों याद रखें, उन्होंने पीछे कई सालों से सेक्स नहीं किया था और वो जवानी के दिन जीना चाह रही थी।

अनहोन मुझे बिठाया और doggystyle में बिस्तर पर लेट गई और मैंने अपना लंड उनकी गरम और गिली चूत में धीरे-धीरे डालने शुरू किया, और एक दम से झटका मार दिया। उनकी चीख निकल गयी. वो बोली कि “धीरे करो, मुझे तुम्हारा लंड मेरी चूत में महसूस करना है”।

मैंने धीरे-धीरे अपना लंड उनकी चूत में डाला और अंदर बाहर करने लगा, बहुत ही मजा आ रहा था ये करने में मैंने उनके बाल पकाड़े और खींचने लगा जैसे मैं घोड़ी की सवारी कर रहा हूं, मैंने धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढ़ानी शुरू की, हर एक झटके के साथ भाभी की आहे भी बढ़ती जा रही थी।

काफ़ी देर घोड़ी की सवारी करने के बाद मैंने उन्हें बिस्तर पर लिटाया और missionary पोज़ में उन्हें चोदने लगा, उनकी आखें ऊपर चढ़ गई थी जिसे मुझे पता लग रहा था कि वो भी बहुत enjoy कर रही है,

मैंने भाभी के दोनों हाथ अपने हाथ से पकड़ लिए और दूसरे हाथ से उनके स्तन दबाता, उनकी आहे ज्यादा तेज हो रही थी तो कम करने के लिए मैं उन्हें किस करता कभी उनके boobs भी काटता।

भाभी की गांड पर भी जोर जोर से थप्पड़ मारता है। जैसे जैसे मैं अपनी स्पीड बढ़ा रहा था भाभी के स्तन भी जोर जोर से हिल रहे थे जिन्हें देखना ही मुझे जानवर बनाने के लिए काफी था।

मैं किसी जंगली जानवर की तरह जोर जोर से उनकी चूत मरने लगा और अब भाभी के आंसू तक निकल रहे थे मानो वो अब इस प्यारे दर्द से पागल हो रही थी। मैं झड़ने वाला था तभी मैंने भाभी को missionary पोजीशन में ही लेटे रहने को कहा और इस बार मैं उनको बिस्तर के कोने पर ले आया और उनके मुंह में अपना लंड डाल दिया।

भाभी missionary पोजीशन में थी पर इस बार में अपने लंड को और मुँह के अंदर जाते हुए देख रहा था और मुझे मजा भी आ रहा था। काफ़ी देर करने के बाद मेरा झड़ गया जो कि मैंने भाभी के पूरे शरीर पर झाड़ दिया, उनका मुँह, गला, boobs, नाभि, सब मेरे वीर्य से भीग चुके थे।

भाभी वापस उठी और इस बार मुझे किसी प्यासे को पानी पिलाने के बाद वाली नज़रों से देख रही थी। और फिर उन्होंने मुझे एक किस किया और हम दोनों नंगे ही बिस्तर पर लेट गए।

फिर वो मेरे बाथरूम में नहा गई, और नहाने के बाद एक बीवी वाले तेवर दिखे और बहुत प्यारी सी स्माइल करते हुए मुझे किस करके चली गई।

मेरे माता-पिता 1 हफ्ते के बाद आने वाले थे, उस हफ्ते के बीच मैंने भाभी को रोज सुबह-शाम चोदा।

मेरे माता-पिता 1 हफ्ते के बाद आने वाले थे, उस हफ्ते के बीच मैंने भाभी को रोज सुबह-शाम चोदा।

एक दिन उनका पति बाहर गया था और रात को बेटे को सुलाने के बाद पूरी रात भाभी मेरे बिस्तर पर चुद रही थी।

मेरे मम्मी पापा वापस आ गए हैं, और मैं फिर एक बार भाभी के साथ, ऐसे ही किसी मौके की तलाश में हूं जब फिर से हम दोनों मेरे बिस्तर में समय गुजार सकें। भाभी की आहे मैं अभी भी महसूस करता हूँ……..

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